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Monday, 11 July 2011

क्या आप जीवनमे परेशान

 क्या आप जीवनमे परेशान रहते है ? आप अपनी समस्या जानते हुवेभी कुछ विशेष प्रयतन करनेके बावजूद अपने आपको असहाय महसूस कर रहे है?
“आप गौ माताकी सेवा करना प्रारंभ कर दीजिये”.सेवा करनेसे मनको शांति मिलती है. दान और सेवाका फल अवस्य मिलता है.कर्मफल मिल्ताही है.कर्म कभी निष्फल नहीं होता.रोग,शत्रु,बाधक परिबलोसे मुक्ति प्राप्ति हेतु राशी अनुसार प्रयोग करनेसे जीवनमे उपरोक्त समस्यासे निवारण मिल सकता है.श्रधाके साथ प्रयत्न करते रहनेसे लाभ मिलही जाता देखा गया है.निरंतर प्रयास रंगलाता है.कर्मफल मिल जाता है.

मेष राशी के जात्क्को बुधवारके दिन गौ सेवा करनेसे रोग_शत्रु पिडासे मुक्ति मिल शक्ति है.शानिवारके दिन गौ माताकी सेवा करनेसे बाधक, सम्ज्मे नहीं आनेवाली सम्म्स्याका निवारण मिलता है और पुन्यकी वृधि होनेसे और लाभ मिलता है

. वृषभ राशी के जातक को शुक्रवार और शनि वार के दिन गौसेवा करनेसे लाभ मिल शकते है.
मिथुनराशी के जातक को मंगलवार और गुरुवार्के दिन गौ माताकी सेवा करनेसे निवारण और पुण्य दोनों मिल जाते है. कर्काराशिके जातक को गुरु,सुक्रके दिन लाभ लाना चाहिए. सिंह राशीकेजातक को लाभ प्राप्ति और दोष मुक्ति के लिए शनि,मंगलके दिन अवस्य प्रयत्न पूर्वक प्रयास करने चाहिए. जीवनमे मधुरता प्रप्तिके लिए जरुरी समजा जाता है. कन्या राशीके जातक को शनि,गुरुके दिन गौ सेवाका अवसर गवाना नहीं चाहिए. तुला राशीके जातक को गुरु,रविवारके दिन लाभ उठाना चाहिए.पीड़ा_बंधन मुक्ति के लिए. वृश्चिक राशीके जातक को मंगलवार,सोमवारके दिन गौ सेवाका आयोजन करलेना चाहिए. धन राशीके जातक को शुक्र और बुधवारके दिन सुभारम्भ करके गौ सेवा करनी चाहिए. मकर राशीके जातक को बुधवार और मंगल्वार्के दिन प्रमाद्का त्याग करके गौ सेवा करती रहनी चाहिए. कुभ राशीके जातक को सोमवार और सुक्रवार्के दिन आलस्य त्यागकर गौ सेवाका लाभ उठाना चाहिए. मिनराशिके जातक को रवि और बुधवारके दिन लाभ उठाना चाहिए. निरंतर गौ सेवा करनेसे उत्तम परिणाम मिलते है.परन्तु जो निरंतर सेवाका दुर्लभ लाभ उठानेमे असमर्थ हो उसे जन्म राशिका ज्ञान प्राप्त करके उपरोक्त दिनोमे गौ माताकी सेवा अवस्य करनी चहिये.

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