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Tuesday, 5 July 2011

ये है ब्रह्मास्त्र,जिसके आगे सब है नाकाम

ये है ब्रह्मास्त्र,जिसके आगे सब है नाकाम!

गायत्री महामंत्र की महिमा
मां गायत्री वह शक्ति हैं जो इस सम्पूर्ण चराचर जगत का संगरक्षण,पालन करने वाले देवी-देवताओं को भी अपनी शक्ति देकर उन्हें संचालित व संचारित करती हैं। इसलिए समय समय पर आवश्यकतानुसार अगर हम अलग अलग देवी-देवताओं को प्रसन्न करने हेतु व उनकी कृपा से सुख समृद्धि प्राप्त करने हेतु उन देवी-देवताओं के विशेष गयात्री मंत्रो का जाप करें तो निश्चय ही हमारे सारे मनोरथ सिद्ध हो सकते हैं।
राशिफल:ये है ब्रह्मास्त्र,जिसके आगे सब है नाकाम!
गायत्री महामंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।



भावार्थ:उस प्राणस्वरूप,दुःखनाशक,सुखस्वरूप, श्रेष्ठ,तेजस्वी,पापनाशक,देवस्वरूप परमात्मा को हम अन्तःकरण में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करें।
महादेव गायत्री
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्र: प्रचोदयात् ।।
गणेश गायत्री
ॐ एकदंताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि। तन्नो दन्ती प्रचोदयात्।।
विष्णु गायत्री
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु: प्रचोदयात् ।।
हनुमान गायत्री
ॐ अंजनीसुताय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमंत:प्रचोदयात् ।।
श्रीलक्ष्मी गायत्री
ॐ महालक्ष्मीच विद्महे विष्णुपत्नीच धीमहि। तन्नो लक्ष्मी:प्रचोदयात् ।।
दुर्गा गायत्री
ॐ गिरिजायैच विद्महे शिवप्रियायैच धीमहि। तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्।।

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