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Monday, 27 June 2011

सावन का पहला सोमवार - क्या करें शिव को अर्पण?

सावन में हर सोमवार को व्रत बहुत शुभ फल देने वाला होता है। भगवान शिव की उपासना को समर्पित इस व्रत को करने से हर व्रती पर शिव कृपा के साथ मनोकामनाओं को पूरा करने वाला माना गया है। इस बार सावन में चार सोमवार दिनांक २, ९, १६ और २३ जुलाई आएंगे। इस वर्ष इसी व्रत परंपरा में पहला सावन सोमवार का व्रत २ अगस्त को रखा जाएगा। इस बार सावन के पहले सोमवार के साथ सप्तमी तिथि का भी दुर्लभ योग बना है। सप्तमी तिथि के देवता सूर्य होते हैं। इसलिए धार्मिक दृष्टि से इस बार यह दिन अच्छे स्वास्थ और कामना पूर्ति के लिए बहुत पुण्यदायी बन गया है। सावन के हर सोमवार को शिव पूजा में विशेष सामग्री चढ़ाने का भी धार्मिक महत्व है।




सावन के पहले सोमवार की सरल व्रत विधि के अनुसार शिव के साथ माता पार्वती, गणेश जी, कार्तिकेय और नंदी जी की पूजा होती है। इस बार सप्तमी होने से भगवान शिव के साथ सूर्य पूजा भी करें।


- यह पूजा पूर्व दिशा की ओर या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करें।



- गंध, फूल, धूप, दीप, दूध, जल, शहद, घी, गुड, जनेऊ, चंदन, रोली, कपूर से यथोपचार पूजा और अभिषेक पूजन करना चाहिए। शिवालय में शिव पर जलधारा और अभिषेक बहुत फलदायी माना जाता है।



- सावन के पहले सोमवार को कच्चे चावल पूजा में भगवान शिव को चढ़ाने का महत्व है।



- सफेद पुष्प, बेलपत्र, भांग-धतूरा भी शिव पूजा में चढ़ाएं। शिव स्त्रोतों और स्तुति का पाठ करें।



- संभव हो तो रात्रि जागरण का भी महत्व है।

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