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Friday, 24 June 2011

सावधान रहें,इन अशुभ संकेतों से..


सावधान रहें,इन अशुभ संकेतों से..—by प० अनिल जी शर्मा सहारनपुर
यदि गृहस्वामिनी के हाथ से बार बार बिना किसी कारण के भोजन नीचे जमीन पर गिरता है तो, यह संकेत शुभ नहीं होता है, समझ लो कि धन हानि या दरिद्रता का आगमन होने वाला है. ऐसे अशुभ संकेत प्रकृति हमारे सामने प्रगट करती रहती है परन्तु हम उन्हें समझ नहीं पाते या हमे इस बात का कोई ज्ञान नहीं होता कि इस संकेत का अर्थ क्या है. इस लेख से पहले लेख में मेने शुभ संकेतों की चर्चा की थी,जो कि भविष्य की सूचना देने वाले शुभ संकेत.. नामक लेख था, आज अशुभ संकेतों की बात करते है.—
१:- घर के परिसर में बिल्ली या बिलाव का रोना या आपस में झगड़ा करना विपत्ति या घर में क्लेश का सूचक है.
२:- यदि घर के मुख्य द्वार से सांप का प्रवेश होता है तो, यह गृहस्वामी या गृहस्वामिनी के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होता है.
३:-यदि घर में कोई चोट खाया या घायल पक्षी या उसका कोई काटा हुआ अंग आँगन में गिरता है तो, समझ लीजिए कि महासंकट आने वाला है.
४:- घर में यदि कुतिया प्रसव करती है तो यह गृहस्वामी के लिए अच्छा संकेत नहीं है, इसके कारण शत्रु की वृद्धि होती है तथा अपने ही परिवार में मतभेद होने लगते है.
५:- यदि घर में कौवा, गिद्ध, चील या कबूतर नित्य बैठते है और छह मास तक लगातार निवास बनाए हुए है तो गृहस्वामी पर नाना प्रकार की विपत्ति आने का सूचक होता है.
६:- यदि घर में काले रंग के चूहे बहुत अधिक तादाद में दिन और रात भर घूमते रहते हो तो, समझ लीजिए कि किसी रोग या शत्रु का आक्रमण होने वाला है.
७:- यदि घर की छत पर, दीवार पर या घर के किसी भी कोने में लाल रंग की चींटिया घुमती या रेंगती हुई दिखाई दे, तो समझ लीजिए कि संपत्ति का क्षय होता है. या संपत्ति का कोई नुक्सान हो जाता है. और यदि पंख वाली चींटियां हो तो घर में बिना किसी कारण के क्लेश की स्थिति उत्पन्न होने लगती है.
८:- यदि पालतू गाय अपना दूध पीती हो या अत्यधिक सिर हिलाती हो, तो घर के गृहस्वामी के ऊपर कर्ज बढ़ता है और भाग्य खराब होने लगता है.
९:- यदि किसी खुशी के कार्य पर घर में आग लग जाय तो धन हानि की संभावना बन जाति है.
१०:- यदि घर में बने मंदिर की कोई मूर्ति या चित्र अपने आप खंडित या जल जाए, या जमीन पर हाथ से छूट कर टूट जाए तो, यह संकेत पूरे परिवार के लिए शुभ नहीं होता तथा इसके कारण समाज में मां हानि और कलंक लगता है. घर में विवाह आदि शुभ कार्यों में अनावश्यक बाधाओं का सामना करना पडता है.
११:- यदि घर में रसोई का प्लेटफार्म का चटकना या टूटना, चाकले का टूटना या तड़क जाना दरिद्रता की निशानी होती है.
१२:- यदि घर में दूध बार बार जमीन पर गिरता हो, किसी भी कारण से तो घर में क्लेश और विवाद की स्थिति बनती है.
१३:- यदि सुबह के समय या शाम के समय कौवा मांस या हड्डी लाकर गिराता है तो, समझ लीजिए कि अमंगल होने वाला है और बिमारी, चोट आदि पर धन खर्च होगा.
१४:- यदि कोई भी पक्षी घर में किसी भी समय कोई लोहे का टुकड़ा गिराता है तो, यह अशुभ संकेत होता है जिसके कारण अचानक छापा या कारावास होने की पूरी पूरी संभावना बनने लगती है.
१५:- यदि जिस दिन नए घर में प्रवेश करना हो तो, उसी दिन सूर्योदय के समय कोई भी पशु रोता है तो उस दिन गृह प्रवेश टाल दें यह संकेत शुभ नहीं होता है घर में प्रवेश करते ही दुःख आरम्भ हो जायेंगे.
1. कार्य पर जाते समय यदि बिल्ली रास्ता काट जाए तो कार्य असफल होने की आशंका रहती है। आप घर वापस आकर या थोड़ा विश्राम कर आगे जाएँ। तब कार्य सफल होगा।
2. कार्य पर जाते समय कोई दुष्ट प्रकृति वाला, व्यभिचारी अथवा अन्यायी, व्यभिचारिणी सामने आ जाए तो कार्य सफल नहीं होता।
3. शुभ कार्य के लिए विचार चल रहा हो तब यदि छिपकली की आवाज सुनाई दे तो कार्य की असफलता होती है।
4. घर में किसी देवता की मूर्ति अथवा चित्र टूट जाए तो मृत्यु या मृत्यु समान कष्ट हो सकता है। निवारण के लिए रामरक्षास्तोत्र अथवा दुर्गा माँ की आराधना करें।
5. यदि आपको आकाश में तारे टूटते दिखाई दें तो स्वास्थ्‍य खराब होने की सूचना होती है। इसी के साथ नौकरी में खतरा एवं आर्थिक तंगी आने लगती है।
6. आपके घर उल्लू के चिल्लाने की आवाज आ रही हो तो भूत बाधा का डर रहता है अथवा ऊपरी बाधा से ग्रसित हो सकते हैं, विशेषकर स्त्री।
7. कुत्ते का रोना अथवा सियार के रोने से रिश्तेदार, पड़ोसी या मोहल्ले में कष्ट (मृत्यु) की संभावना रहती है।
विशेष : घर में उल्लू गिरे तो मानहानि, आयुहानि होती है। इसकी शांति के लिए यज्ञ-पूजन अथवा जाप करना चाहिए। जंगली कबूतर नहीं पालें, अशुभ माना गया है।
कुछ सूक्ष्म उपाय (टोटके)—-
1. कबूतर की बीट एवं लोभान की कंडे पर धूप देकर पूरे घर में धुआँ करें, सुबह-शाम अथवा रविवार, बुधवार घर में शांति मिलेगी।
2. घर का मुखिया रात्रि में चौराहे पर बाटी (आटे से गोल लड्‍डूनुमा) बनाए, बाटी सिर्फ पाँच बनाए। फिर उसका क्षेत्रपाल देवता के नाम से उसी स्थान पर कोण लगाकर रास्ता बदलकर घर आए। घर में पूर्ण शांति मिलेगी। यह कार्य चौदस, रविवार, अथवा अमावस्या पर करने से विशेष लाभ मिलेगा।
उपरोक्त शुभ-अशुभ शकुन का भारतीय परंपरा एवं संस्कार में बड़ा महत्व माना गया है। इन छोटे टोटकों से आप लाभ ले सकते हैं।
इस प्रकार के अशुभ संकेत यदि सामने आटे है तो इनका उपचार भी शास्त्रों में दिया गया है कि संकेत देखने के बाद उसी समय मंदिर में जाकर सरसों के तेल का मिट्टी का दिया भगवान एक सामने अर्पण कर शुभ फल की प्रार्थना करें और किसी गाय को रोटी के अंदर गुड़ रख कर खिलाए. तथा श्री हनुमान चालीसा के पांच पाठ करे तो यह अशुभ संकेतों का दोष समाप्त हो जाता है.

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