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Monday, 27 June 2011

हल्दी बने धनवान


आयुर्वेद दुनिया की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। आयुर्वेद में स्वास्थ्य की हिफाजत के लिये कई निर्देश दिये गए हैं। इस ऋतु और मौसम में कुछ निश्चित नियम-कायदे होते हैं। बारिश के सीजन में आपका खान-पान, रहन-सहन और पहनावा कैसा हो इस विषय में आयुर्वेद बेहद महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराता है।




विशिष्ट स्नान विधि



आयुर्वेद से जुड़े महान ग्रंथ - भाव प्रदीपिका में आयुर्वेद और ज्योतिष से संबंधित बड़ी अनोखी मगर कीमती बात कही गई है। बताया गया है कि चातुर्मास यानी बारिश के चार महीनों में आंवले और तिल के मिश्रण को पानी में डालकर नहाने से अनेक शारीरिक और मानसिक रोग तो समाप्त होते ही हैं साथ ही ऐसे स्नान से आयु और धन-समृद्धि की भारी वृद्धि भी होती है।



विशेष



इस सीजन में स्किन प्रोब्लम्स, मलेरिया, टायफायड व पेट के रोग अधिक होते हैं। अत: खाने पीने की सभी वस्तुओं को मक्खियों एवं कीटाणुओं से बचायें व उन्हें साफ करके ही प्रयोग में लें। बाजारू खाने पीने की वस्तुओं खाशकर दही व लस्सी का सेवन न करें।

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