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Monday, 27 June 2011

गुरुवार को करें ऐसी बृहस्पति पूजा

जब किसी व्यक्ति को हर मनचाहा सुख मिलता है, तब वह स्वयं को खुशकिस्मत मानता है। किंतु थोड़ा ही कष्ट मिलने पर वह स्वयं की किस्मत को कोसने लगता है। तब वह उनसे छुटकारे के लिए तरह-तरह से धार्मिक उपायों को अपनाता है। किंतु कोई भी व्यक्ति दैनिक देव उपासना से ऐसी बदकिस्मती और परेशानियों से दूर रह सकता है। इसी कड़ी में गुरुवार का दिन बृहस्पति आराधना के लिए नियत है। जानते हैं गुरुवार को बृहस्पति पूजा की आसान विधि -



- गुरुवार के दिन सुबह स्नान करें। पीले वस्त्र पहनें।



- पीला वस्त्र पर गुरु बृहस्पति की प्रतिमा को रखकर देवगुरु चार भुजाधारी मूर्ति का पंचामृत स्नान यानि दही, दुध, शहद, घी, शक्कर कराएं। स्नान के बाद गंध, अक्षत, पीले फूल, चमेली के फूलों से पूजा करें।



- पीली वस्तुओं जैसे चने की दाल से बने पकवान, चने, गुड़, हल्दी या पीले फलों का भोग लगाएं।



- बृहस्पति मंत्र ऊँ बृं बृहस्पते नम: का जप करें। बृहस्पति आरती करें। क्षमा प्रार्थना कर मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें।



- पीले रंग की सामग्री और दक्षिणा देनी चाहिए।



- धार्मिक दृष्टि से गुरुवार के दिन व्रत-पूजा से गुरु गृह की कृपा से सुख-समृद्धि के साथ खासतौर पर कार्य और कामनासिद्धि की बाधाएं दूर हो जाती है।

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